अनियमित माहवारी से बचने के उपाय 
Aayurvedic Solution for Irregular Periods Problem

आजकल की भाग-दौड़ भरी लाइफ में अनयिमित महावारी होना बिल्‍कुल ही आम बात हो चुकी है। अचानक वजन बढ़ना या फिर कम होना, स्‍मोकिंग करना, कॉफी, दवाइयां और खराब खान-पान की वजह से यह समस्‍या पैदा होती है। भावनात्मक तनाव भी आपके शरीर में हार्मोन में परिवर्तन, आपकी माहवारी को अनियमित बनाने के लिए कारण हो सकता है। किसी महीने में महावारी हुई तो किसी महीने में टल गई, ऐसे में शरीर को भी नुकसान होता है। आइये जानते हैं कि अनियमित महावारी से बचने के लिये प्राकृतिक रूप से कौन-कौन से तरीके हैं।

टिप्‍स जो करे पीरियड को रेगुलर

  1. इस समस्‍या को ठीक करने के लिये सहिजन, तरोई, सफेद कद्दू, तिल का बीज और करेला का नियमित सेवन करें। रोजाना दिन में दो बार करेले की जड़ का काढा पीजिये और देखिये कि यह प्राकृतिक तरीके से कैसे ठीक हो जाता है।
  2. कब्‍ज पैदा करने वाले खाद्य पदार्थ से दूर रहें खास कर के महावारी के आखिरी चक्र में। खट्टे खाघ पदार्थ, फ्राइड फूड और प्रोटीन से भरी दालों का सेवन ना करें।
  3. अपनी डाइट में मछली का प्रयोग करें क्‍योंकि इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो कि मासकि चक्र के दौरान बहुत ही लाभकारी होता है।
  4. बैंगन, मीट, पीला कद्दू और आलू को पीरियड्स शुरु होने के एक हफ्ते पहले ना खाएं।
  5. सौंफ खान से पीरियड्स टाइम पर आते हैं। यहां तक की तिल का तेल भी बहुत ही लाभकारी होता है। मासिक चक्र शुरु होने के एक हफ्ते पहले सौंफ का बना काढा लें।
  6. तिल के बीज को जीरा पाउडर और गुड के साथ मिला कर खाएं। इससे पीरियड टाइम पर होगा।
  7. रोजाना अंगूर का जूस पीने से भी आपको अनियमित महावारी से मुक्‍ती मिलेगी।
  8. रोजाना व्‍यायाम करें जिससे शरीर का टंपरेचर सामान्‍य बना रहे और अनियमित महावारी कंट्रोल में रहे।
  9. कच्‍चा पपीता खाइये। यह एक प्राकृतिक तरीका है जो कि ज्‍यादातर महिलाएं पीरियड को टाइम पर लाने के लिये और प्रेगनेंसी से मुक्‍ती पाने के लिये करती हैं।
  10. गुड, अजवाइन का हलवा बनाकर खाने से होने वाले दर्द एवं एकएक कर आने वाली मासिक धर्म ठीक हो सकता है।
  11. मासिक दर्द में होने वाली जांघों का दर्द हो तो इन दिनों नीम के पत्ते 5 ग्राम अदरक का रस 10 ग्राम इसमें इतना ही पानी मिलाकर पिये।
  12. अगर मासिक धर्म न आता हो तो दो चम्मच गाजर का बीज एक चम्मच गुड एक गिलास पानी में उबालकर रोज सुबह शाम पिये। 50 ग्राम सोंठ, गुड 30 ग्राम 5 ग्राम कुटी जौ, वायविडंग, 1 गिलास पानी में उबाले काढ़ा बनाऐं। आधाआधा कप, तीनतीन घंटे बाद पियें। रूका हुआ मासिक स्त्राव शुरू हो जायेगा।
  13. दो गिलास पानी में 4 चम्मच राई उबालकर पानी छान लें उससे कपड़ा भिगाकर पेट सेकें। इससे मासिक स्त्राव खुलकर होगा व दर्द भी कम होगा।
  14. नारियल खाने से मासिक धर्म खुलकर होता है।
  15. तुलसी की जड़ को छाया में सुखाकर पीसकर चुटकी पावडर पान में रखकर खाने से अनावश्यक रक्त स्त्राव बंद होता है।
  16. लड़कियों को मासिक धर्म के दिनों में सुबह भूखे पेट नींबू तथा नारंगी का रस पियें कारण ये पोटेशियम की कमी पूरी करता है दर्द वाले स्थान पर सेंक करें।
  17. भोजन में मांसाहार कम से कम करें।
  18. इन दिनों में अधिक तेल खटाई, मिर्च मसाला न खायें। खाली पेट दूध न पिये ऐंठन होगी।
  19. हल्दी की 23 गांठ सिल पर पीस लें। 1 गिलास गाय के दूध में गुड डालकर स्टील के बर्तन में 23 उबाल दें और ठंडा कर पी जायें। मासिक धर्म खुलकर आयेगा। इसे एक माह तक पियें।
  20. गन्ने का सीरा दवा का काम करता है ।
  21. महिलाओं के स्वभाव पर इसका असर बुरा पडता है वो चिडचिडी हो जाती है्। इसके लिये अपने आहार में उचित मात्रा में कैल्शियम लें ,आयरन युक्त भोजन लें हरी साग सब्जिया ,मौसमी फल ,यदि आप पहले से ही एनिमिक है तो पहले उसे दूर करें । सुपाच्य तथा पौष्टिक भोजन करें। अधिक मिर्च मसाला , खटाई तथा तली चीजों से परहेज करें।

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