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हार्ट अटैक का आयुर्वेदिक ईलाज 
Ayurvedik Treatment of Heart Attack

भगवान न करे कि आपको कभी जिंदगी मे heart attack आए !लेकिन अगर आ गया तो आप जाएँगे डाक्टर के पास !

और आपको मालूम ही है एक angioplasty आपरेशन आपका होता है ! angioplasty आपरेशन मे डाक्टर दिल की नली मे एक spring डालते हैं ! उसको stent कहते हैं ! और ये stent अमेरिका से आता है और इसका cost of production सिर्फ 3 डालर का है ! और यहाँ लाकर लाखो रुपए मे बेचते है आपको !

आप इसका आयुर्वेदिक इलाज करे बहुत बहुत ही सरल है ! पहले आप एक बात जान ली जिये ! angioplasty आपरेशन कभी किसी का सफल नहीं होता !! क्यूंकि डाक्टर जो spring दिल की नली मे डालता है !! वो spring बिलकुल pen के spring की तरह होता है ! और कुछ दिन बाद उस spring की दोनों side आगे और पीछे फिर blockage जमा होनी शुरू हो जाएगी ! और फिर दूसरा attack आता है ! और डाक्टर आपको फिर कहता है ! angioplasty आपरेशन करवाओ ! और इस तरह आपके लाखो रूपये लुट जाते है और आपकी ज़िंदगी इसी मे निकाल जाती है ! ! !

हार्ट अटैक का आयुर्वेदिक इलाज

हमारे देश भारत मे 3000 साल एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे उनका नाम था महाऋषि वागवट जी| उन्होने एक पुस्तक लिखी थी जिसका नाम है अष्टांग हृदयम| और इस पुस्तक मे उन्होने ने बीमारियो को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखे थे| ये उनमे से ही एक सूत्र है|

वागवट जी लिखते है कि कभी भी हरद्य को घात हो रहा है | मतलब दिल की नलियो मे blockage होना शुरू हो रहा है| तो इसका मतलब है कि रकत (blood) मे acidity(अमलता ) बढ़ी हुई है |

अमलता आप समझते है ! जिसको अँग्रेजी मे कहते है acidity !!

अमलता दो तरह की होती है ! 
1. पेट कि अमलता|       2. रक्त (blood) की अमलता| आपके पेट मे अमलता जब बढ़ती है ! तो आप कहेंगे पेट मे जलन सी हो रही है| खट्टी खट्टी डकार आ रही है| मुंह से पानी निकाल रहा है ! और अगर ये अमलता (acidity)और बढ़ जाये| तो hyperacidity होगी ! और यही पेट की अमलता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त मे आती है तो रक्त अमलता(blood acidity) होती|

और जब blood मे acidity बढ़ती है तो ये अमलीय रकत (blood) दिल की नलियो मे से निकल नहीं पाता| और नलिया मे blockage कर देता है ! तभी heart attack होता है| इसके बिना heart attack नहीं होता| और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं| क्यूंकि इसका इलाज सबसे सरल है|

इलाज क्या है ?

वागबट जी लिखते है कि जब रकत (blood) मे अमलता (acidty) बढ़ गई है| तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो छारीय है| आप जानते है दो तरह की चीजे होती है| 

अमलीय और छारीय (acid and alkaline ) 

अब अमल और छार को मिला दो तो होता है = neutral| 

तो वागबट जी लिखते है, कि रक्त कि अमलता बढ़ी हुई है तो छारीय(alkaline) चीजे खाओ तो रकत की अमलता (acidity) neutral हो जाएगी |और फिर heart attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं | 

अब आप पूछोगे जी ऐसे कौन सी चीजे है जो छारीय है और हम खाये ? 

आपके रसोई घर मे सुबह से शाम तक ऐसी बहुत सी चीजे है जो छारीय है ! जिनहे आप खाये तो कभी heart attack न आए ! 

सबसे ज्यादा आपके घर मे छारीय चीज है वह है लोकी !! english मे इसे कहते है bottle gourd| जिसे आप सब्जी के रूप मे खाते है | इससे ज्यादा कोई छारीय चीज ही नहीं है| तो आप रोज लोकी का रस निकाल-निकाल कर पियो या कच्ची लोकी खायो| 

कितना करे? : रोज 200 से 300 मिलीग्राम पियो !! 

कब पिये? : सुबह खाली पेट (toilet जाने के बाद ) पी सकते है या नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते है| 

इस लोकी के रस को आप और ज्यादा छारीय बना सकते है ! इसमे 7 से 10 पत्ते के तुलसी के डाल लो| तुलसी बहुत छारीय है| इसके साथ आप पुदीने से 7 से 10 पत्ते मिला सकते है| पुदीना बहुत छारीय है| इसके साथ आप काला नमक या सेंधा नमक जरूर डाले, ये भी बहुत छारीय है| 

लेकिन याद रखे नमक काला या सेंधा ही डाले, वो दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डाले| ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है| 

तो मित्रो आप इस लोकी के जूस का सेवन जरूर करे| 2 से 3 महीने आपकी सारी heart की blockage ठीक कर देगा| 21 वे दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा| कोई आपरेशन की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी| घर मे ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा| और आपका अनमोल शरीर और लाखो रुपए आपरेशन के बच जाएँगे|